अमृतसर में सरहद पार से संचालित नारको-आतंकवाद नेटवर्क का पर्दाफाश; 42.9 किलोग्राम हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड, एक पिस्तौल बरामद

चंडीगढ़/अमृतसर, 29 जनवरी :  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान…

चंडीगढ़/अमृतसर, 29 जनवरी :  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सहयोग से 42.9 किलोग्राम हेरोइन, चार हैंड ग्रेनेड और एक स्टार-मार्क पिस्तौल सहित 46 जिंदा कारतूस बरामद करके सरहद पार से नारको-आतंकवाद नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

यह ऑपरेशन वीडीसीज़ – पंजाब सरकार की प्रमुख पहलकदमी जिसका उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा और नशा विरोधी प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करना है, के माध्यम से प्राप्त कार्रवाईयोग्य और विश्वसनीय गुप्त जानकारी के आधार पर चलाया गया है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बरामद की गई नशीली दवाएं, हथियार और विस्फोटक सामग्री अंतरराष्ट्रीय सरहद पार से ड्रोन के माध्यम से भेजी गई थी, जिससे इस खेप में संगठित सरहद पार नारको-आतंकवाद नेटवर्क की संलिप्तता का पता चलता है।

डीजीपी ने बताया कि इस उपरांत जांच के दौरान अमृतसर के निवासी दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। फरार मुलिजमों को ट्रेस करने, बरामदगी संबंधी लिंक का पता लगाने और व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि वीडीसी नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने गांव ऊठियां में एक मोटरसाइकिल को रोका।

उन्होंने बताया कि पुलिस की मौजूदगी का पता लगने पर संदिग्ध व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेप सहित मोटरसाइकिल छोड़कर आसपास के खेतों की ओर भाग गए। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने तुरंत आसपास के खेतों में एक योजनाबद्ध तलाशी अभियान चलाया जिसके परिणामस्वरूप नशीले पदार्थों, हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद हुई।

सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) अमृतसर ग्रामीण सुहेल कासिम मीर ने बताया कि मुलजिमों की पहचान करने और उन्हें काबू करने, अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस संबंध में, एफआईआर नंबर 26 दिनांक 29.01.2026 को थाना राजासांसी, अमृतसर ग्रामीण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 25 तथा विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के तहत दर्ज की गई है।

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