Reaction China and EU on Greenland:
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर चीन और युरेपिय देशों के ने प्रतिक्रिया दी है. चीन ने अमेरिका से कहा है कि वह अपने हित साधने के लिए तथाकथित ‘चीनी ख़तरे’ को बहाने के तौर पर इस्तेमाल करना बंद करे. यह बात सोमवार को चीन के विदेश (China and EU on Greenland) मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कही. चीनी प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, “संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय क़ानून ही मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद हैं और इसे बनाए रखा जाना चाहिए.”
टैरिफ की धमकी पर होगा अमल-
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूरोपीय देश अगर ग्रीनलैंड के मसले पर उनका विरोध करते हैं तो वह टैरिफ़ लगाने की अपनी धमकी को ‘100 फ़ीसदी’ अमल में लाएंगे. यूरोप के कई देशों ने ग्रीनलैंड की संप्रभुता के समर्थन में एकजुटता दिखाई है.
China and EU on Greenland, डेनमार्क और ब्रिटेन ने क्या कहा-
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति धमकी देकर अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र (सेमी-ऑटोनॉमस टेरिटरी) ग्रीनलैंड को अपने कब्ज़े में नहीं ले सकते. ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का अधिकार केवल वहां के लोगों और डेनमार्क को ही है. सोमवार को ट्रंप ने यह कहने से इनकार कर दिया कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वे ब्रिटेन और नेटो के सात अन्य सहयोगी देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर टैरिफ़ लगाने की योजना पर आगे बढ़ेंगे.
धमकियां नही हल-
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालस ने कहा, “यूरोपीय संघ की किसी से टकराव की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन हम अपने रुख़ पर कायम रहेंगे. उन्होंने कहा, लेकिन व्यापारिक धमकियां इस मसले को सुलझाने का तरीक़ा नहीं हैं. संप्रभुता कोई सौदे की चीज़ नहीं है. ट्रंप ने एलान किया है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका 1 फ़रवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ़्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फ़िनलैंड से आने वाले सामान पर 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाएगा, और अगर अमेरिका की ओर से इस क्षेत्र को ख़रीदने को लेकर कोई समझौता नहीं होता है तो जून की शुरुआत से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 फ़ीसदी कर दिया जाएगा.



