Sukhbir Badal at Chandigarh Court:
आठ साल पुराने मानहानि के मामले में शनिवार को पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल चंडीगढ़ जिला अदालत पंहुचे। पिछले महीने अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। वारंट जारी होने के बाद भी वह (Sukhbir Badal at Chandigarh Court) अदालत में पेश नहीं हुए थे। इसलिए अदालत उनके खिलाफ सख्ती कर सकती थी। इसलिए उन्हें अदालत में आना पड़ा।
कोर्ट ने जारी किया था वारंट-
बादल अखंड कीर्तनी जत्थे के मुख्य प्रवक्ता भाई आरपी सिंह द्वारा दायर मानहानि के मामले में पेश हुए थे। कोर्ट में 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरकर उन्हें जमानत मिल गई। यह केस 2017 का है जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब दौरे के दौरान भाई आरपी सिंह के घर गए थे। सुखबीर बादल ने उस समय कथित तौर पर एक विवादित टिप्पणी की थी। इस पर आरपी सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अदालत में हाजिर न होने के कारण पहले सुखबीर बादल के खिलाफ वारंट जारी हुए थे, जिसके बाद आज वह अदालत में पेश हुए।
Sukhbir Badal at Chandigarh Court, जमानत हुई मंजूर-
सुखबीर बादल के वकील अर्शदीप कलेर ने बताया कि मामले में सुखबीर बादल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की अदालत में सरेंडर किया। 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरकर उन्हें जमानत मिल गई। अदालत ने पहले 17 दिसंबर 2025 को बादल की जमानत रद्द कर दी थी और गैर-जमानती वारंट जारी किया था। आज की सुनवाई में, बादल ने अदालत में पेश होकर जमानत के लिए अपील की, जिसे मंजूर कर लिया गया।



