Operation Herof: बलूच लिबरेशन आर्मी ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, पाकिस्तान में 7 जगहों पर हमले

Operation Herof: बलूचिस्तान में आजादी के लिए लड़ रहे बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने सैन्य अभियान ‘Operation Herof’ के तहत पाकिस्तानी सेना और खुफिया…

Operation Herof: बलूचिस्तान में आजादी के लिए लड़ रहे बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने सैन्य अभियान ‘Operation Herof’ के तहत पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों के खिलाफ कई हमले किए हैं. इन अभियानों में, बीएलए स्वतंत्रता सेनानियों ने ओर्नाच, पंजगुर, कलात, नुश्की और सिबी सहित कुल 7 स्थानों पर विभिन्न अभियानों को अंजाम दिया है.

बीएलए ने कहा है कि ये हमले ऑपरेशन हेरोफ 2.0 नाम के कैंपेन का हिस्सा थे, जिसमें 58 जगहों पर कुल 78 कार्रवाइयां की गईं. उन्होंने कहा कि आजादी मिलने तक बलूच लिबरेशन आर्मी ऐसे हमले करती रहेगी.

बीएलए पिछले चार दिनों से पाकिस्तान में कई जगहों पर लगातार हमले कर रहा है. शनिवार की रात को, बीएलए लड़ाकों ने खुजदार जिले के ओर्नाच क्रॉस पर मुख्य राजमार्ग पर कब्जा कर लिया और दो घंटे से अधिक समय तक नियंत्रण बनाए रखा. इस बीच, उन्होंने गुजर रहे वाहनों की जांच की और बलूच संसाधनों की लूट में शामिल दो वाहनों को निशाना बनाया. इस दौरान उन्होंने लेवी फोर्स की एक चौकी पर कब्जा कर लिया और उसमें आग लगा दी.

इसी तरह रविवार रात को पंजगुर के नोकाबाद इलाके में पाकिस्तानी सेना की चौकी पर हमला किया गया. स्वचालित हथियारों और रॉकेट लांचरों से किए गए इस हमले में कम से कम दो पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और पांच घायल हो गए. यह हमला लगभग 25 मिनट तक चला.

बलूच लड़ाकों ने कलात के गरप इलाके में पाकिस्तानी बम निरोधक दस्ते को उस समय निशाना बनाया जब वे सफाई अभियान में लगे हुए थे. इस रिमोट-नियंत्रित आईईडी विस्फोट में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.

इसके अलावा (BLA) ने नुश्की के गलांगोर इलाके में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के चार एजेंटों को मार गिराया। ये एजेंट थे: मोइन (पाकपट्टन निवासी), हज़ाइफा (पाकपट्टन निवासी), इमरान अली और इरफान अली (दोनों रहीम यार खान निवासी). 9 मई को अहमदवाल क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान इन एजेंटों को गिरफ्तार किया गया, जहां पूछताछ के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना और उसकी एजेंसियों के लिए काम करने की बात कबूल की.

बलूच लड़ाकों ने सिबी रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तानी सेना की चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया, जबकि काची जिले के माथरी इलाके में सीधी मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी सैनिक घायल हो गए.

बीएलए ने स्पष्ट कर दिया है कि ये सभी हमले बलूचिस्तान की आजादी और आत्मनिर्णय के अधिकार की लड़ाई का हिस्सा हैं. संगठन ने चेतावनी दी है कि बलूच राष्ट्र को पूर्ण स्वतंत्रता मिलने तक ऐसी सशस्त्र कार्रवाइयां जारी रहेंगी.

इस अभियान ने पाकिस्तान की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बलूचिस्तान की आजादी की मांग उठ खड़ी हुई है.

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