न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : काफी मगजमारी के बाद दिल्ली दरबार से पंजाब के गुरदासपुर उपचुनाव के लिए BJP के उम्मीदवार की घोषणा कर दी गई। BJP ने काफी सोच-विचार के बाद स्वर्ण सलारिया को उम्मीदवार बनाया है। बड़ी बात यह रही कि इस सीट से स्व. विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना को टिकट की प्रबल दावेदार माना जा रहा था। खुद विनोद खन्ना गुरदासपुर सीट से सांसद थे, लेकिन उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। खैर, बात करते हैं भाजपा उम्मीदवार स्वर्ण सिंह सलारिया की, जिनकी उम्मीदवारी पक्की तो है लेकिन जीत के रास्ते कच्चे दिख रहे हैं।
सलारिया के सहारे राजपूत वोटबैंक पर निशाना
सलारिया का पैतृक घर गुरदासपुर के छोहां गांव में है और फिलहाल वो मुंबई के नामी उद्योगपति हैं। स्वर्ण एक सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन भी करते हैं जो बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स को सुरक्षा मुहैया कराती है। इसके अलावा उनके अन्य काम भी हैं। स्वर्ण सलारिया राजपूत हैं और उनके सहारे BJP राजपूत (फॉर्वर्ड) वोटबैंक पर निशाना साधने की फिराक में है। वहीं सलारिया योग गुरू बाबा रामदेव के काफी करीबी भी माने जाते हैं और टिकट मिलने में कहीं ना कहीं इस एंगल को भी जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी सुनील जाखड़ के रूप में ब्राह्मण वोटों पर नजर गड़ाए बैठी है।
पुराना रहा कांग्रेस और BJP से नाता
स्वर्ण सलारिया हमेशा से BJP में नहीं रहे हैं। इसके पहले वो कांग्रेस में भी रह चुके हैं। साल 2009 में कांग्रेस पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज सलारिया ने BJP ज्वाइन कर लिया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर से BJP के प्रबल उम्मीदवार माने जाने वाले सलारिया को टिकट मिलना लगभग तय था। मगर BJP ने एक्टर विनोद खन्ना को टिकट दिया। खन्ना 1998, 1999, 2004 में गुरदासपुर से सांसद रह चुके थे और 2014 में भी वो चुनाव जीतने में सफल रहे। हालांकि सलारिया ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी, लेकिन आखिर में पार्टी ने उन्हें मना लिया।
विवादों से सलारिया का पुराना नाता
दरअसल, सलारिया और विवाद साथ-साथ चलते रहे हैं। BJP ने गुरदासपुर से सलारिया को टिकट क्या दिया, सोशल मीडिया भी सक्रिय हो गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लीप शेयर की गई। यह वीडियो साल 2014 का है, जिसमें विनोद खन्ना को टिकट मिलने के बाद सलारिया उन्हें शराबी कहते हुए दिख रहे हैं। एक बिजनेसमैन के रूप में भी सलारिया कई विवादों में रह चुके हैं। दिसंबर 2014 में सलारिया पर मुंबई की एक महिला ने रेप का आरोप लगाया। हालांकि बाद में महिला ने आरोप वापस ले लिए थे। सलारिया पंजाब के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के भी चेयरमैन हैं जो हमेशा गलत कारणों के चर्चा में रहता है।
