न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच मंगलवार को स्टेट काउंसलर आंग सान सूकी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि म्यांमार शांति के लिए प्रतिबद्ध देश है। साथ ही आरोप लगाया कि रोंहिग्या आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। रोहिंग्या मुसलमानों को हमने संरक्षण दिया, लेकिन उन्होंने म्यांमार में आतंकी हमले करवाए। जो म्यांमार में वापस आना चाहते हैं, उनका वेरिफिकेशन शुरू की जाएगी।
सूकी ने कहा कि म्यांमार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव काम नहीं करेंगे। हमें किसी से डर नहीं है। उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों पर देशविरोधी काम करने का आरोप जड़ दिया। कई महीनों की शांति के बाद 25 अगस्त को सुरक्षाबलों पर रोहिंग्या मुसलमानों का आतंकी गुट ने हमला कर दिया। जांच में पता चला कि सारे आतंकी रोहिंग्या मुसलमान थे। उन्होंने कहा कि म्यांमार के सुरक्षा बल हर स्थिति और आतंकी हमले से निपटने में सक्षम हैं।
अपने संबोधन के दौरान आंग सान सूकी ने कहा कि म्यांमार 70 सालों से चले आ रहे आंतरिक विवाद को सुलझाने के लिए तैयार है। म्यांमार रखाइन राज्य के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। दरअसल सूकी ने वैश्विक स्तर पर हो रही आलोचनाओं के बाद यह बयान दिया है। लेकिन उनके बयान से साफ है कि म्यांमार ने अभी भी रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार पर रोक लगाने के लिए कुछ करने की बात नहीं कही है।
