ऑनलाइन डेस्क/ लिविंग इंडिया:
सरकारी अधिकारियों का नेताओं के प्रभाव के चलते तबादला होना कोई नई बात नहीं है| कई बार ये तबादला सरकार बदलने पर एक साथ होता है, कई बार किसी अधिकारी को नेताजी को नाराज करने के बदले पनिशमेंट पोस्टिंग दे दी जाती है.कुछ समय पहले हरियाणा में हुआ |वर्णिका कुंडू और विकास बराला का मामला आपको याद ही होगा, उस पुरे एपिसोड के बाद वर्णिका के पिता वीरेंद्र कुंडू का तबादला बतौर एडिशनल चीफ सेक्रेट्री कर दिया गया है| ये विभाग कम महत्वपूर्ण माना जाता है.कुंडू के तबादले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘अपनी बेटी वर्णिका कुंडू के न्याय के लिए बीजेपी के खिलाफ उतरने की अधिकारी को सजा दी गई हैं|’वैसे लिविंग इंडिया न्यूज़ से बात करते हुए कुंडू ने कहा, ‘यह सरकार पर निर्भर करता है कि मेरी क्षमताओं को देखते है मुझे कहां नियुक्त करती है. मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं है. मैंने कभी भी मेरे ट्रांसफर ऑर्डर रुकवाने की कोशिश नहीं की|
गौर करने वाली बात ये भी है कि जिस दिन इस तबादले के ऑर्डर निकाले गए हैं, उसी दिन चंडीगढ़ की एक अदालत ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास की जमानत याचिका खारिज कर दी है| वैसे हरियाणा सरकार ने इसके साथ ही 14 आईएस और 2 राज्य सेवा अधिकारियों के तबादले भी किए हैं|

