न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : हो सकता है सचिन तेंदुलकर अगली बार परिवार के संग छुट्टी मनाने मसूरी जाएं तो उनका खुद के घर में रहना संभव नहीं हो। दरअसल क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के मसूरी स्थित घर पर 15 दिनों के बाद बुलडोजर चल जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट अगर स्टे का आदेश देता है तो सचिन के आशियाने पर बुलडोजर चलने से बच सकता है। दरअसल मसूरी के लंढौर कैंट के ढहलिया बैंक स्थित पूर्व क्रिकेटर सचिन, उनके मित्र और उद्योगपति संजय नारंग का ‘सचिन का आशियाना’ के नाम से मशहूर बंगला है। जिसके अंदर कराए गए अवैध निर्माण पर 15 दिनों के बाद कार्रवाई की जा सकता है।

बताया जाता है कि मसूरी निवासी संजय नारंग ने साल 2008 में आरएल दुग्गल से यह आशियाना खरीदा था। यह इलाका मसूरी के कैंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस संपत्ति को खरीदने में केंद्र सरकार से अनुमति नहीं ली गई है। इस कारण जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो सका है। हालांकि साल 2009 में संजय नारंग ने भवन में मरम्मत समेत अन्य कार्यों के लिए लंढौरा कैंट बोर्ड से अनुमति मांगी थी। इस मामले को लेकर कोर्ट में मामला भी दायर किया गया था। इस केस को नारंग हार गए थे। जिसके बाद साल 2014 में कैंट बोर्ड ने विवादित जमीन पर कराए गए निर्माण को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया था।

आपको बता दें कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर जब भी मसूरी आते हैं तो वो ढहलिया बैंक स्थित घर में ही रहते हैं। इस घर को ‘सचिन का आशियाना’ के नाम से भी जाना जाता है। मसूरी में रहने के दौरान सचिन अपने परिवार के साथ अधिकांश वक्त इसी आवास में बिताते हैं। समय मिलते ही सचिन परिवार के साथ मसूरी के घर की फोटो अपलोड करते रहते हैं। लेकिन आने वाले वक्त में हो सकता है कि सचिन अपने मसूरी के आशियाने की फोटो अपलोड ना कर सकें। क्योंकि मामला कोर्ट पहुंचने के बाद आदेश आ गया है। हालांकि सचिन के पास ऑप्शन हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट स्टे लगा दे तो ‘सचिन का आशियाना’ टूटने से बच सकता है।
