ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:
साध्वियों से रेप के मामलों में 20 साल के लिए जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे राम रहीम, उसके डेरे को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। रविवार को फतेहाबाद जिले के टोहाना इलाके से ताल्लुक रखने वाले दो लोगों ने बड़े ही चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन किए हैं। ये पहले डेरे के अनुयायी रहे, मगर बाद में जब अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा तोे डेरा छोड़कर भाग आए। एक पूर्व साधक ने तो यहां तक बताया कि डेरे से जुड़े परिवारों को आदमी के मरने के बाद डेड बॉडी उसके घर लाने की परिमशन नहीं होती थी। दूसरे ने बताया कि मौत के बाद डेड बॉडीज का क्या किया जाता था,हंस ने एक और नया खुलासा किया कि बाबा के डेरे में जो भी कोई आता था, उसके परिजनों से पहले ही लिखवा लेता था कि उसके शव को घर नहीं भेजा जाएगा।डेरे में जो भी लोग मर जाते या जिन्हें मरवा देता था, उन्हें बाबा अपनी गुफा के पास 4 नंबर मोटर पर ही कभी दफना देता था तो कभी दाहसंस्कार कर देता था। इन सभी का अंतिम संस्कार सुबह 4 से सवा 4 बजे के लगभग किया जाता था, ताकि उसका कोई सबूत न बचे।वहीं प्रियंका से हनीप्रीत बनने की कहानी भी सामने आई,पूर्व डेरा साधक हंसराज चौहान ने कहा की जहां भी बाबा का काफिला जाता, वहां प्रियंका और उसका परिवार भी साथ जाता था। जब शाम को आराम करने की बारी आती थी तो हनीप्रीत का तंबू बाबा अपने साथ ही लगवाता था। हम सब अपने कामों में मशगूल होने के कारण उनके संबंधों को ज्यादा नहीं देख पाते थे।
