न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन अल-कायदा (AL-Qaida) के कश्मीर चीफ जाकिर मूसा ने एक नया ऑडियो जारी किया है। इस ऑडियो टेप के सामने आने के बाद ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल मूसा ने ऑडियो टेप में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने कभी मुसलमानों का समर्थन नहीं किया है और न ही करेगा। यही नहीं आतंकी मूसा ने रोहिंग्या मुसलमानों की खिलाफत करने वालों को भी धमकी दी है। आतंकी मूसा ने रोहिंग्या मुसलमानों की खिलाफत करने वाले लोगों और राजनेताओं को धमकी दी है। साफ कहा है कि किसी भी सूरत में रोहिंग्या मुसलमानों का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जाकिर ने अपने ऑडियो टेप में कहा है कि जेहाद को किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। जेहाद की इजाजत खुद अल्लाह ने दी है। अपने पूर्व संगठन हिजबुल मुझाहिदीन जिन्होंने हाल ही कश्मीर के लिए संयुक्त राष्ट्र की जरुरत पर बल देने पर बरसते हुए जाकिर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र कभी कश्मीर का समर्थन नहीं करेगा, क्योंकि उन्होंने कभी भी दुनिया के किसी कोने में मुसलमानों का समर्थन नहीं किया है। यहां तक कि पाकिस्तान जो मुसलमानों के लिए काम करता था, जो जेहाद का समर्थन करता था और इसे अनिवार्य कहता था, 9/11 के बाद उसने जेहाद को गलत और हराम करार दिया।
- कभी भी कश्मीर का समर्थन नहीं करेगा UN
- पाकिस्तान ने बढ़ाई आतंकवादियों से दूरी
- जारी रहेगी कश्मीर के आजादी की लड़ाई
- कम आतंकवादी भी कर रहे बेहतर काम
- रोहिंग्या मुसलमानों का विरोध करना गलत
- राजनेताओं, पुलिस बलों को भी दी धमकी
मूसा ने कहा कि पाकिस्तान ने USA को खुश करने की कोशिश की और मुजाहिद्दीन को छोड़ दिया तथा काफिर अमरीका से हाथ मिला लिया। कहा कि कश्मीर का जेहाद सबसे महत्वपूर्ण जेहाद में से एक है। यह जेहाद पिछले 28 सालों से जारी है। पाकिस्तान ने आतंकियों को दहशतगर्द घोषित कर दिया है। वहां प्रशिक्षण शिविरों को बंद कर दिया है। अल-कायदा चीफ ने आगे कहा कि केवल कुछ आतंकी रहने के बाद भी कश्मीर को आजाद कराने की जंग जारी है। समर्थन नहीं होने के बावजूद भी आतंकियों ने पुलिस से हथियार छीनकर लड़ाई लड़ी और पत्थरबाजों ने अधिकारियों और उनके शिविरों पर पथराव किया।
कश्मीर का जेहाद किसी राज्य की वजह से नहीं बल्कि अल्लाह के समर्थन से है। मूसा ने इस टेप में उन राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और लोगों को भी धमकी दी है, जो आतंकवादियों के खिलाफ बयान दे रहे हैं। मूसा के बयान से साफ है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी आतंकी संगठन ने रोहिंग्याओं के समर्थन में कोई बयान जारी किया हो। मूसा ने जम्मू के अस्थायी कैम्पों में रह रहे रोहिंग्याओं का समर्थन भी किया है। दरअसल जिस तरह से यह बयान सामने आया है उससे पता चलता है कि वो पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों से दूर बताकर ध्यान भटकाने पर काम कर रहा है।

