चंडीगढ़ : पंजाब कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। जिसमें पानी सीवरेज कनेक्शन के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को मंजूरी दी गई और डिफॉल्टर्स को 3 महीने का वक्त भी दिया गया। इसके अलावा एमपी एमएलए को हर साल 1 जनवरी को अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी इस पर भी कैप्टन सरकार ने मुहर लगा दी। लेकिन कैबिनेट ने किसानों की कर्जमाफी के लिए किसी तरह की घोषणा नहीं की।
कैप्टन कैबिनेट के अहम फैसले
- अवैध पानी-सीवरेज कनेक्शन के सेटलमेंट के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम
- नोटिफिकेशन के बाद डिफॉल्टर्स को मिलेगा 5 महीने का वक्त
- 3 महीने में जमा करने वालों को 10% की मिलेगी छूट
- हाऊस टैक्स/प्रॉपर्टी टैक्स के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट स्कीम’
- मालिकाना हक योजना 2016 के आवेदन के लिए 6 महीने का समय बढ़ाया
- 14 मार्च को बंद हो चुका है आवेदन
- पंजाब के MP/MLA को हर साल 1 जनवरी को अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी
- इस साल के लिए 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया
- उड़ान योजना के तहत लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा, आदमपुर से उड़ान के लिए MoU को मंजूरी
- 34 दमकल कार्यालयों का कंट्रोल करने के लिए डायरेक्टोरेट की स्थापना को मंजूरी
- पंजाब हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर टेक्नीकल (ग्रुप A) सर्विस रूल्स 2017 को मंजूरी
- SC/ST एक्ट नोटिफिकेशन
- स्थानीय सरकार विभाग को 68 जूनियर इंजीनियर्स (सिविल) का कांट्रैक्ट बढ़ाने का अधिकार
- पंजाब पब्लिक वर्क्स बिल्डिंग एंड रोड्स ब्रांच सर्विस रूल्स 2017 को मंजूरी
- SC/BC अर्बन हाउसिंग के लिए पंजाब शहरी आवास योजना 2017 को मंजूरी
- पहले फेज में 3 लाख रूपए/सालाना से कम वालों को मिलेगा लाभ
- दूसरे फेज में 5 लाख रूपए/सालाना से कम आय वालों को फायदा
- सही लाभार्थी को ही लाभ दिलाने के लिए सीएम सख्त
- इसके लिए हाउसिंग-अर्बन डेवलेपमेंट विभाग को मुफ्त जमीन दी जाएगी
- 31 मार्च 2018 तक शहर में स्टाम्प ड्यूटी 9% से 6% की गई
- रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सर्किल रेट में कटौती
- अवैध मैरिज पैलेस को रेगुलराइज करने के लिए न्यू मैरिज पैलेस पॉलिसी
- रियल एस्टेट प्रोजेक्टस के लिए CLU में 10 फीसदी की छूट
- पंजाब स्टेट फॉर्मर्स कमीशन एक्ट 2017 को मंजूरी
- पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर एग्रीकल्चर एजुकेशन को मंजूरी
- पंजाब स्टेट फॉर्मर्स एंड फार्म लेबरर्स कमीशन एक्ट 2017 को मंजूरी
- क्लाइमेट चैलेंज फंड और डायरेक्टोरेट ऑफ ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट बनाने का फैसला
