विश्व रेडियो दिवस 2020: जब पहली बार दुनिया ने सुना रेडियो…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:आज पूरी दुनिया रेडियो प्रसारण दिवस मना रही है। आमतौर पर माना जाता है कि पहला रेडियो प्रसारण 1895 में गुग्लिल्मो मार्कोनी…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:आज पूरी दुनिया रेडियो प्रसारण दिवस मना रही है। आमतौर पर माना जाता है कि पहला रेडियो प्रसारण 1895 में गुग्लिल्मो मार्कोनी द्वारा किया गया था, जिसके बाद संगीत का रेडियो प्रसारण अस्तित्व में आया, रेडियो का चलन 1905 से 1906 के बीच शुरू हुआ। वहीं1920 के दशक की शुरुआत में रेडियो व्यावसायिक रूप से भी अस्तित्व में आ चुका था। जिसके बाद रेडियो स्टेशन लगभग तीन दशक बाद यानी 1950 तक रेडियो प्रसारण प्रणाली दुनिया भर में एक आम वस्तु बन गई थी।

 

13 फरवरी 2011,को विश्व रेडियो दिवस घोषित हुआ

वहीं 60 साल बाद, 2011 में, यूनेस्को के सदस्य राज्यों ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में घोषित किया। इसे 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में अपनाया गया था।स्पेन से एक प्रस्ताव के बाद, यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड ने 2011 में यूनेस्को द्वारा किए गए परामर्श प्रक्रिया के आधार पर विश्व रेडियो दिवस के उद्घोषणा की सिफारिश की। इसके बाद यूनेस्को के तत्कालीन महानिदेशक ने संयुक्त राष्ट्र रेडियो के गठन का प्रस्ताव रखा। 13 फरवरी, 1946 और उसके बाद अपने 36 वें सत्र में, यूनेस्को ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने औपचारिक रूप से 14 जनवरी, 2013 को यूनेस्को की विश्व रेडियो दिवस की घोषणा का समर्थन किया। अपने 67 वें सत्र के दौरान, यूएन ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में घोषित किया।

रेडियो का महत्व और उद्देश्य

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व रेडियो दिवस का उद्देश्य रेडियो के महत्व के बारे में जनता और मीडिया के बीच अधिक से अधिक जागरूकता बढ़ाना है। रेडियो का उद्देश्य रेडियो स्टेशनों को अपने माध्यम से सूचना तक पहुँच प्रदान करना और प्रसारकों के बीच नेटवर्किंग और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना भी है।

यूनेस्को ने किया आह्वान 

विश्व रेडियो दिवस 2020 के लिए, यूनेस्को ने रेडियो स्टेशनों पर विविधता को बनाए रखने के लिए आह्वान किया है, दोनों अपने न्यूज़ रूम और एयरवेव पर। विश्व रेडियो दिवस का विषय मोटे तौर पर तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है, यूनेस्को के अनुसार। रेडियो परिदृश्य में विविधता: नीतिगत वातावरण के विकास से मीडिया के स्वामित्व की पारदर्शिता और विविधता हो सकती है, जो रेडियो क्षेत्र के बहुलतावादी, समावेशी और लोकतांत्रिक होने की आधारशिला है।

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