ऑनलाइन डेस्क / लिविंग इंडिया न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नागरिकता संशोधित कानून,CAA पर नाराजगी के कारण असम में जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे के साथ शिखर सम्मेलन को रद्द करना पड़ा, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा एक और फैसले ने इस तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया। वहीं गुरुवार को कोकराझार में, लोगों ने अपनी छुट्टी लेकर सड़कों पर मिट्टी के दीपक जलाकर खुशी मनाई। साथ ही ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन ABSU ने कोकराझार में एक साइकिल रैली भी की। साथ ही यहां पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां भी की गई हैं।
70,000 earthen lamps have been lighted in #Kokrajhar town, #Assam , as a part of welcome to Prime Minister Shri @narendramodi during his visit to Kokrajhar tomorrow, in celebration of the signing of historic #BodoAccord.
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) February 6, 2020
बतादें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम के कोकबार जाएंगे, जहां वह बोडो समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। पिछले दिसंबर में नागरिकता अधिनियम ,सीएए में संशोधन किया गया तब से यह प्रधानमंत्री की पहली उत्तर पूर्व यात्रा होगी। बतादें कि, सीएए के विरोध में असम के तीन लोग मारे गए थे।
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ट्वीट किया, अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, ‘मैं असम की यात्रा का इंतजार कर रहा हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में जा रहा हूं। हम बोडो समझौते के सफल हस्ताक्षर और दशकों से हमारे सामने आने वाली समस्याओं का जश्न मनाएंगे। यह शांति और प्रगति के एक नए युग की शुरुआत का संकेत होगा।
इससे पहले बोडो समझौते पर सरकार ने 27 जनवरी को नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड NDOB के चार सदस्यों, ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और एक सिविल सोसाइटी समूह के साथ हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में स्थायी शांति लाना है।


