ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: स्ट्रॉबेरी जैसे फ्रूट जिसको दूसरे प्रदेशों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि में किसानों द्वारा उगाया जाता है उसकी खेती अब प्रदेश के किसान भी करने लगे हैं। हालांकि स्ट्राबेरी की खेती महंगी खेती है और इसके अनुकूल प्रदेश का मौसम भी नहीं है। फिर भी प्रदेश में कई जगहों पर किसानों ने स्ट्राबेरी लगाई हुई है। ऐसा ही कुछ अमरहेड़ी गांव के किसान हवासिंह पिछले कई सालों से कर रहे हैं।
वे आधा एकड़ में सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन हर साल थोड़े में ही सही स्ट्राबेरी जरूर लगाते हैं। इससे उन्हें अच्छी भी मिलती है। पिछले दिनों में कड़ाके की ठंड पडऩे व तापमान के जीरो डिग्री सेल्सियस के करीब जाने के बाद भी हवासिंह ने देखभाल कर स्ट्राबेरी को उगाया है। इस समय यह फल की अवस्था में है। सुबह रोजाना 2 से 4 किलो स्ट्राबेरी सब्जी मंडी में बेच रहा है। जिसे ग्राहक हाथों-हाथ खरीद लेते हैं। इस समय मंडी में स्ट्राबेरी 250 प्रति किलो के भाव से बिक रहा है।
खास बात यह हैं कि, किसान हवासिंह 7वी कक्षा तक ही पढ़ा हैं। सब्जी उगाने के लिए वह किसी के पास या कृषि विभाग के पास कोई ट्रेनिंग लेने तक नहीं गया। पिछले 30 सालो से वह सिर्फ सब्जी की ही खेती कर रहा हैं और उसे सब्जी मंडी ले जाकर आढ़तियों के माफत न बेचकर खुद ही बेचता हैं। आधा एकड़ जमीन का मालिक होने के बाद हवासिंह के पास ट्रेक्टर से लेकर खेती करने के तमाम कृषि यंत्र उपलब्ध हैं।
किसान हवासिंह बताते हैं कि, भले ही वह आधा एकड़ किसान हो, लेकिन वह मेहनत कई एकड़ किसान से ज्यादा करता हैं। सुबह 5 बजे उठने के बाद सबसे पहले मंडी में सब्जी बेचकर आता हूं, इसके बाद 10 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक वह खेत में सब्जी की फसल की बच्चो की तरह देखभाल करता हैं। जो भी फसल को जरुरत हैं वह समय पर पूरी की जाती हैं दुर्लभ सब्जियों के उगाने से उसे मंडी में अच्छे भाव मिलते हैं इसके आलावा जो आम सब्जी की फसल हैं उनकी बिजाई भी वह काफी अगेती करता हैं।