ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी NRC के मुद्दे पर भारत में पिछले एक महीने से घमासान हो रहा है, CAA के विरोध में अबतक 20 लोगों की जान भी जा चुकी है, तो लगातार विपक्ष मोदी सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश में जुटा हुआ है, इस बीच अब हिंदू देवी-देवताओं को भी नागरिकता देने की मांग उठने लगी है, दरअसल ये मांग हैदराबाद के चिलकुर बालाजी मंदिर के प्रमुख पुजारी ने भारत सरकार से रखी है।
देवी-देवताओं को भी मिले नागरिकता !
अपनी बात भारत सरकार से रखते हुए चिलकुर बालाजी मंदिर के प्रमुख पुजारी ने कहा कि, CAA के जरिए भारत के हिंदू देवी- देवताओं को भी नागरिकता मिलनी चाहिए। इस दौरान पुजारी ने कहा कि, जब भारत सरकार देश के बाहर से आए शरणर्थियों को भारत की नागरिकता दे सकती है तो हिंदू देवी-देवताओं को नागरिकता क्यों नहीं मिल सकती है। पुजारी सीएस रंगराजन ने तिरुमाला में वेंकटेश्वर स्वामी, सबरीमाला में अयप्पा स्वामी और केरल में पद्मनाभस्वामी जैसे हिंदू देवी देवताओं को तहत नागरिता देने की मांग की हैं।
सरकार हिंदू मंदिरों को नियंत्रित करना चाहती हैं ?
भारत सरकार पर हमला बोलते हुए पुजारी सीएस रंगराजन ने कहा कि देवताओं को एक पुजारी, ट्रस्टी या किसी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर द्वारा ही अदालत में पेश किया जा सकता है, इसलिए उन्हें अल्पसंख्यकों के रूप में ही गिना जाए
साथ ही उन्होंने कहा कि, भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की विचारधारा हिंदू मंदिरों और धर्मार्थ संस्थानों पर हावी होती नजर आ रही है. सरकार मंदिरों और धर्मार्थ संस्थानों को नियंत्रित करना चाहती हैं।
CAA पर विवाद बढ़ा
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत अफगानिस्तान बांग्लादेश, और पाकिस्तान से भारत आए अल्पसंख्यकों को देने की बात की जा रही है। जिस पर विवाद बढ़ा है।




