ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:-अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और किसानों की परेशानी पर संसद के बजट सत्र का कांग्रेस विरोध करेगी, साथ ही नागरिक सुधार कानून, एनपीआर और एनआरसी के बारे में देश भर में कांग्रेस आंदोलन करेगी जिसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार 25 जनवरी को वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकती हैं। साथ ही कांग्रेस इन मुद्दों पर विपक्षी दलों की बैठक बुला सकती है।संसद के बजट सत्र के मद्देनजर कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी जयपुर में 28 और 30 को वायनाड में सीए के खिलाफ रैलियों के दौरान सरकार पर सीधा हमला करेंगे।तो पार्टी एनपीआर और एनआरसी को एक गरीब विरोधी कह रही है।
कांग्रेस ने मांगा सभी विपक्षी पार्टियों का साथ
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “NRC का मुद्दा सत्र के दौरान उठाया जाएगा, लेकिन पार्टी अर्थव्यवस्था पर भी जोर देगी।” सरकार के हाथ अर्थव्यवस्था पर बंधे हैं। इस मामले में, आम बजट में एक बड़ी घोषणा की उम्मीद कम है। दुनिया भर के अर्थशास्त्री भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। इसलिए, विपक्ष सरकार से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा।
तृणमूल कांग्रेस,सपा, बसपा ने किया था बैठक से परहेज
द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, सपा और बसपा ने कुछ दिनों पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम, एनपीआर और एनआरसी पर निर्णय लेने के लिए विपक्षी दलों के साथ बैठक करने से परहेज किया था। हालांकि, कांग्रेस को उम्मीद है कि बजट सत्र में सभी विपक्षी दल एक साथ आएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह एक विपक्षी दल के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है। हम विधायी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, लेकिन निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति, कृषि संकट और सीओए पर बहस की मांग करेंगे।


