गुरूग्राम (हरियाणा) : एक तरफ देश करगिल विजय दिवस मना रहा था, शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दे रहा था। दूसरी तरफ कुछ अराजक तत्व शहीदों के सम्मान में बनाए गए स्मारक में तोड़फोड़ करके भाग जाते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश गहरा गया है। दूसरी तरफ लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है कि आखिर क्यों कोई शहीदों के सम्मान में बनाए गए स्मारक पर तोड़फोड़ किया। लेकिन टूटे-फूटे सामान गवाह हैं उस घिनौनी मानसिकता का, जो गुरूग्राम में आसानी से देखने को मिल सकता है।
साइबर सिटी गुरूग्राम का मिजाज ही ऐसा है कि यहां से अच्छी खबर सामने आती ही नहीं है। आए दिन छेड़छाड़, लूटपाट, हत्या से जुड़ी घटनाओं का गवाह बनते जा रहे गुरूग्राम ने एक बार फिर शर्मसार कर दिया। दरअसल साइबर सिटी के पालम विहार स्थित रेजांगला शहीद स्मारक पर तोड़फोड़ की गई। जब करगिल में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्दांजलि देने पूर्व सैनिक और अन्य लोग पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई और सभी आक्रोशित हो उठे।
लोगों ने सीधे-सीधे आरोप लगा दिया कि स्मारक के पास ही शराब का ठेका है, जिसे हटाने के लिए CM तक से शिकायत की गई, लेकिन ठेका नहीं हटाया गया। जिसका नतीजा स्मारक पर तोड़फोड़ के रूप में सामने आया है।करगिल विजय दिवस से ठीक एक दिन पहले हुई इस तरह की शर्मसार करने वाली हरकत से स्मारक समिति के सदस्य काफी दुखी और आक्रोशित हैं। पूर्व सैन्य अधिकारियों की माने तो रेजांगला स्मारक के ठीक सामने ही शराब ठेका है। यहां अक्सर लोग बैठकर शराब पीते हैं।
रेजांगला वार मेमोरियल के सदस्यों का कहना है कि इस शराब के ठेके को हटाने के लिए कई बार मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखे गए लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं। शरारती तत्वों ने स्मारक में तोड़फोड़ करके काफी घिनौना काम किया है, जिसकी हर कोई निंदा कर रहा है। अब लोगों को उम्मीद है कि पुलिस मामले की जांच करके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं ठेके को हटाने पर कोई कदम उठाती है या नहीं।



