अगर आप फ्री मोबाइल डेटा और वॉयस कॉल को प्रेफर करते हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। क्योंकि दूरसंचार कंपनियों ने इसका विरोध करते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से डेटा और वॉयस कॉल के लिए न्यूनतम कीमत निर्धारित करने की मांग की है। अगर ये मांग को स्वीकृत कर लिया गया तो अब कंपंनियां मुफ्त में कॉल और डेटा की पेशकश नहीं कर सकेंगी। इसके तहत TRAI टेलीकॉम ऑपरेटर्स से कॉल और डेटा दरों की न्यूनतम फ्लोर रेट को लेकर सुझाव मांगेगी। जिसके बाद टेलिकॉम ऑपरेटर्स टैरिफ तय करने के तरीकों के बार में TRAI को जानकारी देगी। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन इस पर चर्चा की जा रही है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि TRAI भी लेवल प्लेइंग फील्ड की वकालत कर चुका है। जिससे साफ जाहिर है कि अब फ्री कॉल और डेटा सर्विसेज के दिन भारत में समाप्त ही होने वाले हैं।
पहले झटके से नहीं उबर सकीं कंपनियां
अभी तक टेलीकॉम ऑपरेटर्स खुद वॉयस कॉल और डेटा की दरें निर्धारित करती रही हैं। सिर्फ ऑपरेटर्स को प्लान शुरू करने की जानकारी TRAI को सात दिनों पहले देनी होती है। हालांकि TRAI ने इसमें काफी सख्ती बरती है। पिछले साल शुरू हुई रिलायंस जिओ की सर्विस ने देश की दिग्गज मोबाइल ऑपरेटर्स एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी। जिओ की फ्री सर्विसेज के कारण बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर इससे जुड़ने लगे। वहीं अन्य मोबाइल ऑपरेटर्स ने इसका तीखा विरोध किया था। यह मामला TRAI के पास भी गया, लेकिन जिओ के फ्री सर्विसेज पर रोक नहीं लगाई गई। इसका नतीजा यह हुआ कि पिछले साल की तुलना में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी एयरटेल के तीसरी तिमाही के मुनाफे में 62 फीसदी से ज्यादा की कमी देखी गई। कुछ ऐसा ही वोडाफोन और आइडिया कंपनी के नतीजों के साथ हुआ। हालत यह है कि अभी तक टेलिकॉम ऑपरेटर्स जिओ के झटके से नहीं उबर सकी हैं।
21 जुलाई को जिओ का दूसरा धमाका!
मोबाइल कंपंनियों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों की मानें तो 21 जुलाई को भारतीय टेलीकॉम बाजार में एक बार फिर से भूचाल आ सकता है। इसका कारण यह है कि 21 जुलाई को भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की एनुअल जेनरल मीटिंग (AGM) होगी। इसमें कंपनी अपने टेलिकॉम आर्म रिलायंस जिओ से जुड़ी कई घोषणाएं कर सकती हैं। माना जा रहा है कि कंपनी महज पांच सौ रूपये में 4G फीचर फोन्स को लॉन्च करने की घोषणा कर सकती है। ध्यान रहे कि करीब दस साल पहले रिलायंस इंडिया मोबाइल ने मानसून हंगामा के तहत 501 रूपये में सीडीएमए हैंडसेट पेश करके टेलिकॉम मार्केट को जबरदस्त खलबली मचा दिया था। इस बार भी विशेषज्ञ कुछ ऐसी ही पेशकश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसके साथ ही ब्रॉडबैंड बाजार में जिओ फाइबर को शुरू करने का औपचारिक ऐलान भी कर सकती है। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि रिलायंस अभी भी दूसरी टेलिकॉम कंपनियों को बख्शने के मूड में नहीं है।


