Srinagar : अमरनाथ यात्रियों पर सोमवार की रात हुए आतंकी हमले में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 19 घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। वहीं सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। मारे गए श्रद्धालुओं में पांच गुजरात के थे, जिनका शव वायुसेना के विशेष विमान से गुजरात पहुंचाया गया। उधर आतंकी हमले के बाद मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग हुई, जिसमें NSA अजीत डोभाल और आईबी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आतंकी हमले के बाद की स्थिति का जायजा लिया गया, वहीं अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई। ध्यान देने वाली बात यह है कि आतंकवादी हमले को लेकर इंटलीजेंस इनपुट भी जारी किए गए थे, बावजूद सुरक्षा के कड़े इंतजाम को धत्ता बताते हुए आतंकवादियों ने हमला कर दिया। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घायलों से मिलकर घटना जानकारी ली।

आखिर कैसे हुआ श्रद्धालुओं पर हमला
अमरनाथ यात्रियों को लेकर एक बस सोनमार्ग बालटाल आ रही थी। इसी दौरान बटेंगू के पास तीन से लेकर पांच की संख्या में बाइक सवार आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। आतंकियों का पहला निशाना पुलिस के वाहन थे। गोलीबारी के दौरान बस पहुंच गई और आतंकियों ने बस पर भी एक के बाद एक कई फायरिंग किए। हमले के बाद आतंकी फरार हो गए, जिनकी सुरक्षा बल तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार सोमवार की रात करीब 8.20 बजे बस पर हमला किया गया। हैरानी की बात यह है कि हमले से करीब एक घंटे पहले ही रूट से सुरक्षा हटाई गई थी।

हमले में लश्करे तैयबा का हाथ
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए करीब 30 हजार सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद आतंकियों ने हमला करके सीधे-सीधे केंद्र सरकार को चुनौती दी है। यात्रा के पहले केंद्र सरकार ने सुरक्षा के तमाम दावे किए थे। सूत्रों की मानें तो लश्करे तैयबा का आतंकी अबू इस्माइल हमले का मास्टर माइंड है। उसने हमला करने से पहले पूरी प्लानिंग की और इलाके की रेकी भी की थी। आतंकियों को साफ-साफ पता था कि किस समय सड़क पर सुरक्षा हटा ली जाएगी। ध्यान देने की बात यह है कि रात में जम्मू से श्रीनगर वाहन चलाने पर पाबंदी है, बावजूद बस चालक ने इस निर्देश की अवहेलना की।
बुरहान वानी की एनकाउंटर का बदला तो नहीं!
हिज्बुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर बुरहान वानी को पिछले साल 8 जुलाई को भारतीय सेना ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद आतंकवादी बौखला गए और बुरहान वानी के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए मौके की तलाश कर रहे हैं। बुरहान वानी के एनकाउंटर के ठीक एक साल बाद अमरनाथ यात्रियों पर हमला करके आतंकवादियों ने अपनी उपस्थिति जताने की कोशिश की है। हालांकि भारतीय सेना आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दे रही है। इस साल अब तक करीब 150 आतंकवादियों को भारतीय सेना एनकाउंटर में मार गिराया है। जिससे आतंकवादी बौखलाकर हमले कर रहे हैं।

छह साल में घटी श्रद्धालुओं की संख्या
साल दर साल पवित्र अमरनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। बताया जाता है कि इस साल अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे कम है। अब इस हमले से श्रद्धालुओं की संख्या और कम होने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में 6.35 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा के पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए थे। लेकिन इस साल अभी तक महज 2.30 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। हालांकि इसके पहले भी श्रद्धालुओं की संख्या कम हुई थी। साल 2002 में महज 1.10 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए थे। लेकिन 2004 से यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा था। 2004 से 2015 के बीच एक ही बार ऐसा मौका आया जब यात्रा में 3 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। वर्ष 2007 में 2.96 लाख श्रद्धालुओं ने गुफा के दर्शन किए थे।
कब-कब अमरनाथ यात्री बने निशाना
साल 2000 में पहलगाम कैम्प पर आतंकी हमला। 30 श्रद्धालु मारे गए और 60 से ज्यादा घायल।
2001 में अमरनाथ यात्रियों के कैम्प पर हमले में 12 श्रद्धालुओं की मौत, 15 घायल।
जुलाई 2002 में अमरनाथ यात्रियों पर फेंके गए हथगोले, 2 की मौत और 2 घायल। 6 अगस्त 2002 को अमरनाथ यात्रियों पर फिर से हमला, 10 श्रद्धालुओं की मौत, 30 जख्मी।
2006 में यात्रियों पर हमले में एक श्रद्धालु की मौत।
