यूनियन को भंग करने के विरोध में पंजाब भर के ट्रक ऑपरेटर्स हड़ताल पर हैं। सीएम के शाही शहर पटियाला में ट्रक ऑपरेटर्स ने रैली भी निकाली। ट्रक यूनियन का कहना है कि पंजाब सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब एक लाख ट्रक मालिकों की रोजी-रोटी कमाने का साधन खत्म हो जाएगा। सरकार ने इस मामले में ट्रक मालिकों से बात तक नहीं की।
यूनियन नेताओं ने मोदी सरकार पर भी आरोप लगाया और कहा कि संसद में रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल को पास और मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन करके बहु-राष्ट्रीय कंपनियों व भारतीय कॉर्पोरेट घरानों के दबाव में आकर यह फैसला ले रही है। यूनियनों के खत्म होने तथा सेफ्टी बिल के लागू होने से ट्रांसपोर्ट उद्योग, ट्रांसपोर्ट कारोबार और ट्रांसपोर्ट कारीगरों के काम पर असर पड़ेगा

