जिस कस्बे में हर दिन गोलियों की आवाजे गूंजती थी, जो इलाका आतंकवाद के नाम से जाना जाता था, आए दिन लोग मारे जाते थे, जवान शहीद होते थे। वहां अब लोग दोबारा से अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर रहे है। लोगो की जिंदगी फिर से पटरी पर लौट रही है।
ये फूलों की जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, इन फूलो ने सिर्फ खेतों में ही नहीं किसानों की जिंदगी में भी रंग भर दिए हैं। जी हां एक तरफ जहां कश्मीर आतंकवाद से जूझ रहा है वहीं डोडा में लोग फूलों की खुशबू बिखेर रहे हैं । यहां पर लोग फूलो की खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। इससे पहले लोग या तो वह गेहूं बीजते थे या फिर मक्का। वह भी साल में एक बार लेकिन अब वही किसान उसी जमीन पर एक साल में तीन से चार बार फूलों की खेती करते हैं। जिससे उन्हें काफी मनाफा हो रहा है।

गेंदे के इन फूलों ने डोडा के गरीब 8 गांवों की किस्मत बदल दी है। डोडा के किसान पहले जहां पर वह दो वक्त की रोटी मुश्किल से पूरी कर पाते थे वहीं अब ये किसान फूलो से खासी कमाई कर रहे हैं। उनकी कमाई पहले से दोगुनी हो गई है।

हालांकि गेहूं और मक्का से मिली निराशा के बाद किसान फूलो की खेती करने में भी कतराते थे, डर था कि कहीं की कराई मेहनत पर दोबारा ना पानी फिर जाए। लेकिन सरकार ने सब्सिडी का आश्वासन दिया और ये फूलो की खेती किसान के लिए वरदान साबित हुई। किसान अपनी कीरत से काफी खुश है।
https://youtu.be/ai2RrbC2sKk
