चंडीगढ़, 5 नवंबर 2026: पंजाब भर के विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवाओं की तैयारी को सुलभ बनाने के उद्देश्य से भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य के 1,000 कॉलेज विद्यार्थियों को केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा परीक्षा और पंजाब सिविल सेवा (पी.सी.एस.) परीक्षाओं के लिए पूरी तरह मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में शुरू किए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत सरकारी कॉलेजों के 750 और निजी कॉलेजों के 250 विद्यार्थियों को कवर किया जाएगा। स. बैंस ने कहा कि राज्य सरकार ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के विजन का उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक विस्तार कर रही है। यह क़दम उन वित्तीय और अन्य बाधाओं को दूर करेगा, जिनके कारण अक्सर प्रतिभाशाली विद्यार्थी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित युवा सिविल सेवाओं की मानक कोचिंग लेने से वंचित रह जाते थे।
इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के हर युवा की आंखों में एक सपना है और किसी भी सपने की उड़ान केवल इसलिए नहीं रुकनी चाहिए कि परिवार कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकता या विद्यार्थी किसी बड़े कोचिंग सेंटर से दूर रहता है। हम चाहते हैं कि पंजाब के बच्चे पूरी आजादी से बड़े सपने देखें और यह समझकर चलें कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “इस पहल के द्वारा हम उन अवसरों को खोल रहे हैं जो पहले कई विद्यार्थियों को अपनी पहुंच से बाहर लगते थे। हम उन्हें भविष्य के अधिकारी, प्रशासक और नेता बनने का आत्म-विश्वास दे रहे हैं। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ केवल क्लासरूम को सुधारने तक सीमित नहीं है; यह हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने का उपक्रम है। जब हमारा युवा आगे बढ़ेगा, तो पंजाब आगे बढ़ेगा। हम सब मिलकर रंगले पंजाब के निर्माण की ओर लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।”
उच्च शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सिविल सेवाओं की तैयारी करने वाले हर उम्मीदवार का एक सपना, सालों भर का दृढ़ इरादा और उसके सपने को पूरा करने में साथ खड़ा उसका परिवार होता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी विद्यार्थी के आगे बढ़ने की सीमा उसके परिवार की वित्तीय स्थिति तय न करे।”
उन्होंने आगे कहा, “इस क़दम के कारण गांव या किसी छोटे कस्बे के कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी को भी वही योजनाबद्ध तैयारी, मार्गदर्शन और अकादमिक सहायता मिलेगी जो किसी बड़े कोचिंग हब में पढ़ने वाले विद्यार्थी को मिलती है। हमारे लिए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की असली सफलता तब है जब हर विद्यार्थी यह महसूस करने लगे कि कोई भी मंजिल उसकी पहुंच से दूर नहीं है और हमारी यह पहल उसी भरोसे को बनता सहयोग, अवसर और सही दिशा प्रदान करने के लिए है।”
विद्यार्थियों को केवल ऑनलाइन क्लासें ही नहीं, बल्कि व्यापक कोचिंग और मेंटरशिप मिलेगी
इस कार्यक्रम के तहत चुने गए विद्यार्थियों को केवल ऑनलाइन क्लासें ही नहीं बल्कि हर चरण पर व्यापक अकादमिक सहायता प्रणाली उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें लाइव इंटरैक्टिव और रिकॉर्ड किए गए लेक्चर, स्टडी मटीरियल, मानक टेस्ट सीरीज, उत्तर-लेखन का अभ्यास तथा मूल्यांकन, व्यक्तिगत मेंटरशिप, शंकाओं का निवारण और इंटरव्यू की तैयारी शामिल होगी। पंजाब के किसी भी कोने में बैठे विद्यार्थी इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे, जिससे गांवों और छोटे कस्बों के विद्यार्थी भी बड़े कोचिंग सेंटरों के समान ढांचागत तैयारी कर सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों को सिविल सेवाओं की विशेष तैयारी की सुविधा देना है, जिन्हें कोचिंग सेंटरों से दूरी या कोचिंग के बड़े खर्च जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। सरकारी और निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों को सरकारी सहायता प्रदान करके, इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसा अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है जहां वित्तीय स्थिति या रहन-सहन के बजाय विद्यार्थी की प्रतिभा और दृढ़ इरादा उसका भविष्य निर्धारित करेंगे।
यू.पी.एस.सी. उम्मीदवारों ने कहा कि मुफ्त कोचिंग से वित्तीय बोझ घटेगा
फाजिल्का के एक यू.पी.एस.सी. उम्मीदवार, जिसके लिए कोचिंग लेना एक सपने जैसा था, ने कहा, “हममें से बहुतों के लिए सिविल सेवाओं में जाना हमेशा सपने जैसा रहा है, लेकिन इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए सही मार्गदर्शन, संसाधनों और वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। यह पहल हमारे जैसे विद्यार्थियों को बिना कोचिंग के खर्च के गंभीरता से तैयारी करने का अवसर देती है।”
इसी तरह तरन तारन के एक और उम्मीदवार, जो माता-पिता का इकलौता है, ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “अनुभवी अध्यापक, नियमित टेस्ट, सलाहकार और उत्तर-लेखन संबंधी कुशलता हमारी तैयारी में बड़ा फर्क ला सकती है। इससे हमें अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ समाज की सेवा करने और आगे बढ़ने का आत्म-विश्वास मिलता है।”
यह पहल ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के उस बड़े दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसका उद्देश्य शैक्षिक अवसरों को केवल डिग्रियों तक सीमित न रखकर, लीडरशिप, लोक प्रशासन और समाज सेवा के क्षेत्रों के लिए राह प्रशस्त करना है। इस लाभकारी कदम के तहत 1000 कॉलेज विद्यार्थियों को सिविल सेवाओं की मुफ्त कोचिंग देकर भगवंत मान सरकार प्रशासकों और जनता के नेताओं की अगली पीढ़ी तैयार करेगी।
मुफ्त पेस कोचिंग के तहत 58614 विद्यार्थियों का दाखिला; सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी और 64 ने जेईई एडवांस परीक्षा पास की
भगवंत मान सरकार के ‘पंजाब अकैडमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (पेस) कार्यक्रम के तहत ‘फिजिक्स वाला’ और ‘अवंती’ के साथ साझेदारी करके प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 58614 विद्यार्थी दाखिल हुए हैं। इनमें से 9वीं कक्षा के 3110 विद्यार्थी, 10वीं कक्षा के 4279 विद्यार्थी फाउंडेशन कोचिंग ले रहे हैं, जबकि 29,129 विद्यार्थी जेईई की तैयारी के लिए और 22,096 विद्यार्थी नीट की तैयारी के लिए दाखिल हुए हैं। इस कार्यक्रम में 11वीं कक्षा के 24,950 और 12वीं कक्षा के 26,275 विद्यार्थी शामिल हैं।
पंजाब सरकारी स्कूलों के परिणाम राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार की तस्वीर पेश करते हैं: 361 विद्यार्थियों ने जेईई मेन 2026 परीक्षा पास की, 64 ने जेईई एडवांस्ड-2026 पास की और 882 ने नीट-यूजी 2026 पास की। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2024 में 437 से बढ़कर 2025 में 847 और 2026 में 882 हो गई है, जो कि दो सालों में दोगुने से भी अधिक है।



