यमुनानगर, 2 नवंबर
यमुनानगर में दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों का कारोबार जोर पकड़ने लगा है, लेकिन इस कारोबार के बीच नियमों की धज्जियां उड़ने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। शहर में गोदामों और दुकानों पर पारंपरिक पटाखों का जखीरा जमा होने और उनकी धड़ल्ले से बिक्री होने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि जब प्रशासन ने पटाखों की जांच के लिए कमेटी बनाई है, तो आखिर यह कमेटी जमीन पर कहां नजर आ रही है?
पटाखा जांच के लिए टीम गठित
एक तरफ जिला प्रशासन नियमों का पालन करवाने के दावे कर रहा है, तो दूसरी तरफ पारंपरिक पटाखों की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या प्रशासन की टीम केवल कागजों में ही सक्रिय है? क्या गोदामों में रखे पटाखों की जांच की जा रही है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? इस पूरे मामले पर यमुनानगर के प्रदूषण अधिकारी प्रदीप सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से पटाखों की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर होगी कार्रवाई
यदि कहीं नियमों के विरुद्ध पटाखे रखे मिले तो उन्हें जब्त कर नष्ट किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रदीप सिंह ने यह भी बताया कि ग्रीन पटाखों के मुकाबले पारंपरिक पटाखे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक हैं। उनके मुताबिक पारंपरिक पटाखों से बीमारियों का खतरा 30 प्रतिशत अधिक हो सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन को सब पता है, तो कार्रवाई का इंतजार क्यों? आखिर कब गोदामों तक पहुंचेगी जांच कमेटी और कब होगी नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई?
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