Navratri 7th Day 2026 : मां कालरात्रि की पूजा से मिलता है डर और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा

दिल्ली, 17 अक्टूबर आज शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। आज के दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है।…

मां कालरात्रि

दिल्ली, 17 अक्टूबर

आज शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। आज के दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को साहस, शक्ति और सुरक्षा आशीर्वाद मिलता है।मां अपने  भक्तों को डर और नकारात्मक शक्तियों से दूर रखती है।

कैसा है मां कालारत्रि का स्वरूप ?

पुराणों के अनुसार मां दुर्गा ने राक्षस रक्तबीज का वध करने के लिए मां कालरात्रि का रूप धारण किया था। मां के शरीर का रंग काला और कृष्ण वर्ण का है। मां के बाल बिखरे हुए हैं। मां के तीन नेत्र हैं और ब्रह्मांड की तरह विशाल और बिजली की तरह चमकते हैं।मां के वाहन गर्दभ है। मां के चार हाथ हैं। दाहिना हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में है। मां के बाएं हाथ में लोहे का कांटा और तलवार है।

मां कालरात्रि की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ गहरे लाल या नीले रंग के वस्त्र धारण करें। चौंकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर की स्थापना करें। माता को फूल, रोली, अक्षत धूप, दीप अर्पित करें। मां को गुड़ से बनी मिठाइयां अर्पित करें। पूजा-अर्चना के दौरान दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।मां कालरात्रि से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

मां कालरात्रि के प्रिय मंत्रः
ॐ कालरात्र्यै नमः

बीज मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः

देवी मंत्र:
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः ॥

प्रार्थना या स्तुति मंत्रः
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

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