फरीदाबाद, 7 अक्टूबर
फरीदाबाद में पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अडानी गैस बिल अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला ?
मामला तब सामने आया जब 72 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक विजय भाई ने शिकायत दर्ज कराई। उनके पास अडानी गैस बिल अपडेट के नाम से एक APK लिंक आया था। लिंक पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया और तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से 5,12,344 रूपये उड़ गए।
पुलिस ने किया 7 आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने सूरत (गुजरात) और दिल्ली से 7 मुलजिमों को गिरफ्तार किया।पुलिस के मुताबिक पुलिस के पास शिकायत आई थी और टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 5 को सूरत और 1 को दिल्ली से पकड़ा गया है। आरोपियों के फोन से लगभग 20,000 अडानी गैस उपभोक्ताओं और 1,000 से अधिक बैंक खाताधारकों का डेटा मिला है।
टेलीग्राम से करते थे डाटा चोरी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठगी गिरोह के तार झारखंड के गिरिडीह और देवघर से जुड़े हैं। सभी आरोपी जेल में रहने के दौरान मिले थे और वहीं साइबर फ्रॉड की साजिश रची थी। आरोपी टेलीग्राम के जरिए सारा डाटा हासिल करते थे और APK लिंक भेजकर फोन हैक कर लेते थे।
साइबर सेल की अपील
साइबर सेल अधिकारी बसंत ने आम जनता से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल वाले लिंक पर क्लिक न करें। कोई भी सरकारी या प्राइवेट कंपनी लिंक भेजकर भुगतान नहीं करवाती है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति की बातों में आकर खातों में पैसे ट्रांसफर न करें।
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