नेपाल में तिब्बत की ओर से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। अचानक आई बाढ़ के कारण घर, दुकान, पुल और कई अन्य बुनियादी ढांचे बह गए। बाढ़ के कारण सात लोगों की मौत हो गई और 9 जवान लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ अचानक सुबह 9 बजे आई।
टिमुरे बॉर्डर इलाके में भारी नुकसान
रसुवा जिले का टिमुरे बाजार और सीमा शुल्क कार्यालय क्षेत्र बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। तेज पानी में बड़ी संख्या में वाहन और सामान बह गए।इलाके में पिछले साल बना एक पुल भी तेज बहाव में बह गया।
सुरक्षाबलों के जवान भी लापता
बाढ़ के कारण रसुवा में तैनात सुरक्षाबलों के कई जवानों से संपर्क टूट गया है। पुलिस बल द्वारा जवानों की तलाश जारी है।प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों से नुकसान और लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
सेना ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों को प्रभावित रसुवा जिले में भेजा गया है। हालांकि, टिमुरे का स्थानीय हेलिपैड बाढ़ में बह जाने के कारण एक हेलीकॉप्टर को सुरक्षित लैंडिंग की जगह नहीं मिलने पर वापस काठमांडू लौटना पड़ा।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आपात बैठक बुलाकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। पुलिस, सेना और अन्य बचाव एजेंसियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने पांच जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है।
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