दिल्ली, 13 अगस्त
संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। लोकसभा के कैलेंडर के मुताबिक सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित थीं। पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी खींचतान देखने को मिली। छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही।
सत्र के आखिरी दिन भी गतिरोध खत्म होने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विपक्ष के साथ चर्चा की अपील की है। शाह ने कहा है कि विपक्ष जिस मुद्दे पर चर्चा चाहता है, सरकार उस पर चर्चा के लिए तैयार है और वह चर्चा के बाद सवालों का जवाब देने को तैयार हैं। वहीं विपक्ष की ओर से कहा गया है कि वह केवल गृहमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं है।
आज 3 बजे तक चलेगी लोकसभा की कार्यवाही
आज लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक चलने का कार्यक्रम है। ऐसे में यह देखने वाला होगा कि आखिरी दिन सदन में काम होगा या हंगामा जारी रहता है।
सत्र में कौन-कौन से बिल पास हुए?
मानसून सत्र में विपक्ष के विरोध और प्रदर्शन के हंगामे के बाद सरकार कईं महत्वपूर्ण बिल पास कराने में सफल रही। जिसमें शामिल है.-
- परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक रोकने से जुड़ा एंटी पेपर लीक बिल
- केरल का नाम बदलकर केरलम करने वाला विधेयक
- डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र और नागरिक पंजीकरण से जुड़ा विधेयक
- सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक
- MSME भुगतान से संबंधित विधेयक
- इनकम टैक्स और टैक्स सुधार से जुड़े प्रावधान
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक
- खनन क्षेत्र में सुधारों से जुड़ा विधेयक
कौन से बड़े बिल रह गए लंबित?
मानसून सत्र में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक आगे नहीं बढ़ पाए। इनमें FCRA संशोधन विधेयक प्रमुख है। यह विदेशों से मिलने वाले चंदे और फंडिंग के नियमों से जुड़ा है और लोकसभा के रिकॉर्ड में लंबित है।
इसके अलावा परिसीमन विधेयक, 2026 भी लंबित है। इस विधेयक का संबंध भविष्य में लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से है।शिक्षा सुधार विधेयक भी दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है।
आखिरी दिन क्या होगा?
आज मानसून सत्र का अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अहम है। सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों समेत अन्य मामलों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में देखना होगा कि सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ता है या सरकार और विपक्ष के बीच किसी मुद्दे पर चर्चा हो पाती है।
अन्य खबरें जानें –


