पानीपत, 8 अगस्त
पानीपत शहर के एल्डेको एस्टेट में ब्रीडिंग सीजन के दौरान पेड़ों की छंटाई किए जाने का मामला सामने आया है। पेड़ों पर बड़ी संख्या में पक्षियों के घोंसले बने हुए थे, लेकिन छंटाई के दौरान हजारों घोंसले उजड़ गए। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में पक्षियों के अंडे और छोटे-छोटे बच्चे भी नष्ट होने की बात सामने आई है।मामला सामने आने के बाद पशु-पक्षी प्रेमियों और पर्यावरण से जुड़े लोगों में रोष है।
शिकायतकर्ता पशु पक्षी प्रेमी कुनाल कपूर का कहना है कि ब्रीडिंग सीजन में पेड़ों की छंटाई से पहले घोंसलों और पक्षियों की मौजूदगी का ध्यान रखा जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों का प्राकृतिक आवास तबाह हो गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग भी हरकत में आया है। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब यह जांच का विषय है कि पेड़ों की छंटाई किसकी अनुमति से कराई गई और क्या नियमों का पालन किया गया था? पक्षी प्रेमियों ने मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ब्रीडिंग सीजन के दौरान पेड़ों की छंटाई पर विशेष निगरानी रखी जाए।
वहीं, हजारों घोंसलों के उजड़ने से एक बार फिर शहर में पक्षियों के प्राकृतिक आशियानों और पेड़ों के संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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