लाहौल, 27 जुलाई
लाहौल-स्पीति की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले आलू उत्पादन को नई दिशा देने वाली लाहौल आलू उत्पादक सहकारी सोसायटी का 60वां आम अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। बैठक में सोसायटी की वार्षिक उपलब्धियों, आय-व्यय, किसानों के हितों, आलू उत्पादन, विपणन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
करगा में आयोजित इस अधिवेशन की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष सुदर्शन जस्पा ने की, जबकि जिला कृषि अधिकारी डॉ. चौधरी राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सोसायटी की वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा के साथ हुआ। अध्यक्ष सुदर्शन जस्पा ने आम सदस्यों के समक्ष वर्षभर का आय-व्यय, विभिन्न योजनाओं और किसानों के हित में किए गए कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सदस्यों ने रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से उसका अनुमोदन किया और सोसायटी की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।
अधिवेशन में आलू उत्पादन बढ़ाने, विपणन व्यवस्था को और मजबूत करने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आने वाले समय में सोसायटी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी डॉ. चौधरी राम ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण आलू उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। अधिवेशन में सोसायटी के निर्देशक मंडल के सदस्यों सहित लाहौल घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर सोसायटी के साथ लंबे समय से जुड़े किसानों को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया।
सोसायटी के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।बैठक का समापन किसानों के हितों की रक्षा, सहकारी व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि किसानों के सहयोग और आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से लाहौल का आलू उत्पादन भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और घाटी की आर्थिकी को और मजबूती मिलेगी।
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