मान सरकार द्वारा 62 करोड़ रुपये की आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

चंडीगढ़, 13 जुलाई : पंजाब सरकार राज्य में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पर्यटन एवं विरासत संबंधी आधारभूत ढांचा परियोजनाएं विकसित कर…

The Punjab Government is establishing tourism and heritage infrastructure projects worth over Rs.62 crore across the state

चंडीगढ़, 13 जुलाई : पंजाब सरकार राज्य में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पर्यटन एवं विरासत संबंधी आधारभूत ढांचा परियोजनाएं विकसित कर रही है, ताकि पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके, पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो तथा आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित किए जा सकें।

इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होगा तथा रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना की गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ये पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा पंजाब की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दूरदर्शी सोच को साकार करती हैं।

सौंद ने कहा कि हमारी सरकार पंजाब की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए पर्यटन आधारभूत ढांचे में निरंतर निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटकों का अनुभव और बेहतर होगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब के प्रवेश द्वार पर बनाए जा रहे विरासत स्वागत द्वार की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए भव्य एवं आकर्षक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित की जा रही है।

उन्होंने श्री मुक्तसर साहिब जिले में 8.30 करोड़ रुपये की लागत वाली मलोट क्राफ्ट कॉरिडोर परियोजना की भी समीक्षा की। यह परियोजना पंजाब की पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने तथा पर्यटकों के लिए एक आकर्षक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है।

मंत्री ने संगरूर जिले के सुनाम शहर के प्रवेश द्वार पर स्मारक द्वार के निर्माण, शहीद ऊधम सिंह मेमोरियल संग्रहालय के विस्तार तथा ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 14.30 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ राज्य के विरासत संबंधी आधारभूत ढांचे को और सुदृढ़ करेगी।

सौंद ने श्री मुक्तसर साहिब स्थित गुरुद्वारा टुट्टी गांढी साहिब की हेरिटेज स्ट्रीट के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 9 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आध्यात्मिक तथा पर्यटन अनुभव प्राप्त होगा।

कपूरथला जिले की कंजली वेटलैंड में 20 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इको-टूरिज्म एक्सपीरियंस परियोजना की भी समीक्षा की गई, जिसमें पांच वर्षों तक इसका संचालन, रखरखाव एवं प्रबंधन भी शामिल है। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण वेटलैंड के संरक्षण को भी सुनिश्चित करेगी।

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सौंद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, किसी भी बाधा का तत्काल समाधान किया जाए तथा निर्माण एवं विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी होनी चाहिए, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर पर्यटन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

बैठक में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सचिव श्री कुमार अमित, निदेशक श्री संजीव तिवाड़ी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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