पंजाब में दलितों और मज़लूमों पर ज़ुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: जसवीर सिंह गढ़ी

चंडीगढ़, 2 अप्रैल :  पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने पंजाब के विभिन्न जिलों में दलितों और मज़लूम वर्गों से…

ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆਂ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਦਲਿਤਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਲੂਮ

चंडीगढ़, 2 अप्रैल :  पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने पंजाब के विभिन्न जिलों में दलितों और मज़लूम वर्गों से जुड़ी अत्याचार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए लगातार तीन स्व-मोटो नोटिस जारी किए हैं। चेयरमैन ने विदेश से लौटते ही इन मामलों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूर्ण रिपोर्टें मांगी गई हैं।

आयोग को प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला शहीद भगत सिंह नगर के कस्बा काठगढ़ में एक महिला सरपंच और उनके पति बाबा काले शाह को बंधक बनाने, जाति आधारित गाली-गलौच करने और मारपीट करने की घटना सामने आई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग द्वारा सीनियर कप्तान पुलिस शहीद भगत सिंह नगर से 7 अप्रैल, 2026 को पूर्ण रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।

दूसरे मामले में जिला होशियारपुर के गांव नूरपुर जट्टां में डॉ. भीम राव अंबेडकर जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है, जिसके संबंध में आयोग द्वारा सीनियर कप्तान पुलिस होशियारपुर को 9 अप्रैल, 2026 को पूर्ण रिपोर्ट सहित पेश होने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इसी प्रकार तीसरे मामले में जिला तरनतारन के गांव बेईपुरी में दो दलित परिवारों के साथ गांव के सरपंच द्वारा मारपीट, गाली-गलौच करने और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है, जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर वायरल हो गई हैं। इस मामले के संबंध में भी आयोग द्वारा सीनियर कप्तान पुलिस तरनतारन से 9 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट तलब की गई है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित डीएसपी स्तर के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से हाज़िर होकर रिपोर्ट पेश करें।

इस मौके पर चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि पंजाब में गरीबों, मज़लूमों और दलित वर्गों पर किसी भी तरह का ज़ुल्म या जाति आधारित भेदभाव किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर आयोग द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित बनाई जाएगी।

उन्होंने और चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी किसी भी जाति भेदभाव के मामले में लापरवाही करते पाए गए तो उनके खिलाफ भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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